Thursday, 14 February 2019

स्वास्थ्य : खट्टा-खट्टा नीबू

स्वास्थ्य : खट्टा-खट्टा नीबू 
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नीबू (Citrus limon) खट्टा, स्वादिष्ट और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक फल है. इसका पेड़ माध्यम आकार का होता है, झाड़ीदार और कंटीला. इसके फूल हल्का रंग लिए हुए सफ़ेद होते हैं, गुच्छे में होते हैं. हरे रंग का नीबू छोटे से बड़ा होता है और बाद में पककर पीला हो जाता है. इसका गूदा रसदार, सुगन्धित और अम्लीय होता है. इसके फल प्राय: जनवरी-फरवरी, जून-जुलाई तथा सितम्बर-अक्टूबर में मिलते हैं. सामान्यतया एक पेड़ में 300 से 1000 फल होते हैं.

यह उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में उत्पादित होता है. मान्यता है कि इसकी उत्पत्ति भारत से आरम्भ हुई है. कहते हैं कि भारत में पहली बार असम में नीबू की पैदावार हुई. इसकी कई किस्में होती हैं जैसे कागजी, कागजी कलाँ, गलगल, अटर्रा आदि. विटामिन सी से भरपूर नीबू स्फूर्तिदायक और रोग निवारक फल है. नीबू में ए, बी और सी विटामिनों की भरपूर मात्रा है. विटामिन ए अगर एक भाग है तो विटामिन बी दो भाग और विटामिन सी तीन भाग। इसके रस में 5% साइट्रिक अम्ल होता है तथा जिसका pH 2 से 3 तक होता है. नीबू में ए, बी और सी विटामिनों की भरपूर मात्रा है. विटामिन ए अगर एक भाग है तो विटामिन बी दो भाग और विटामिन सी तीन भाग। इसमें पोटेशियम, आयरन, सोडियम, मैग्नीशियम, कॉपर, फास्फोरस और क्लोरीन तत्व हैं और साथ में प्रोटीन, वासा और कार्बोज भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं. नीबू शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही एंटी-आक्सीडेंट का काम भी करता है और कोलेस्ट्राल भी कम करता है। नीबू में मौजूद विटामिन सी और पोटेशियम घुलनशील होते हैं, जिसके कारण ज्यादा मात्रा में इसका सेवन भी नुकसानदायक नहीं होता। रक्त की कमी से पीड़ित मरीजों को नीबू के रस के सेवन से फायदा होता है। नीबू का सेवन करने वाले लोग जुकाम से भी दूर रहते हैं। एक नीबू दिन भर की विटामिन सी की जरूरत पूरी कर देता है।

खाने में नीबू का प्रयोग कब से हो रहा है इसके निश्चित प्रमाण तो नहीं हैं लेकिन यूरोप और अरब देशों में दसवीं सदी के साहित्य में इस फल के प्रयोग का उल्लेख मिलता है। मुगल काल में नीबू को शाही फल माना जाता था।

नीबू के कुछ घरेलू प्रयोग भारत में बेहद लोकप्रिय हैं। ऐसा माना जाता है कि दिन भर स्फूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिदिन एक गिलास गुनगुने पानी में नीबू का रस व एक चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहिए। एक बाल्टी पानी में एक नीबू के रस को मिलाकर नहाने से दिनभर ताजगी बनी रहती है। गर्मी के मौसम में डायरिया से बचने के लिए नीबू को प्याज व पुदीना के साथ मिलाकर सेवन करना चाहिए। नीबू को पानी में काला नमक मिलाकर पीने से दोपहर में बाहर रहने पर भी लू नहीं लगती। जानकार बताते हैं, गले में मछली का कांटा फंस जाए तो नीबू का रस को पीने से निकल जाता है।


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